Monday, 16 April 2018

जे मन मे बा त प्यार करअ

जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs .....

1
तु रोज निचिता सुतेलु
हम रोज रात भर जागीले
तु छते छते छहकेलु
हम गलिये गलिये माकिले
तु गोभी जइसे फरेलु
हम किसमिस लेखा सुखिले
तु ठीक रहs बस एकरे खाती
बियफे मंगर भुखिले
हम एक टाँग प खड़ा बानी
जल्दी से बिचार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs .....

2
तु जियत रह जियो जइसन
प्यार के डाटा सिंक करs
पइसा ना लागी मंगनी में
आधार से अपना लिंक करs
हम 2 G के स्पीड हई
तु 4 G के स्पीड हउ
हम लेखो फेखो कलम
तु जेल पेन के लिड हउ
अब तहरे हाथे जिनगी बा
अंजोर चाहे अन्हार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs .....

3
तु गाड़ी तेज भगावेलु
हम साइकिल तेज भगाइले
तु जेतने मुंह बनावेलु
हम ओतने खूब अघाइले
तु महँगा मेकप करेलु
हम स्नो पाउडर घोसीले
तु घर में पप्पी पोसेलु
हम दुअरा कुकुर पोसीले
बीच भँवर में फंसल बानी
आर करs भा पार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs ......

4
तु मॉल के सेंडिल पेन्हेंलु
हम टिउर के चपल नापिले
तु लेदर जैकीट पेंहेलु
हम ठंडा देहे कापिले
तहरे के देखे सुनेला
केहुके घर ढूक जाइले
जब गली से हमरा गुजरेलु
चउरास्ता प रुक जाइले
जे दिल से हमके चाहेलु
त दहिना हाथ खाड़ करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs.....

5
तु खुशी खुशी जियेलु
हम हुके डाहे मरीले
तु जेतने नफरत करेलु
लभ ओतने हम त करीले
हम लइका हइ खेलावना ना
क ख ग सिखाव जन
हमरा के कसटमर केयर
जइसे तु भरमावs जन
आदमी हई आदमी लेखा
बढ़िया से व्यवहार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs.....

6

तु स्कूल कवलेज पढ़ेलु
हम तहरे के रोज पढ़िले
तु एक डेग जब चलेलु
त चार डेग हम बढ़िले
हम सीधा देखी तहरा के
तु तिरछा काहे देखेलु
हम फूल लिआई श्रद्धा से
तु लेके धाय से फेकेलु
अब इहे काम बचल बा
कि दिनभर इंतज़ार कर s
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs ......

मिथलेश भइया के रचना....

Sunday, 8 May 2016

माई जे जुड़ल एगो इयाद...

जब हम 7-8 साल के होखेम त हमरा घरे कवनों काम होत रहे, जाना लो बॉस फारत रहे आ हम ओहिजा खेलत रही। बाबूजी के शख्त हिदायत रहे के हमरा दाब नईखे छुए के। तलही माई कवनों काम ला बाबूजी के बोलवली। हमरा मौक़ा लह गईल। जाना लो तनी दूर रहे, दाब उठा के टेस्टीआ लिहनी। अब ई ना बुझाइल की लकड़ी काटल जाला की कटाये के लिखल रहे,अंगूरी प उतार लिहनी एक दाब। डरे केहू से ना कहनी आ खून के दोसर अंगूरी से रोके के कोशिश करत भीतर चल गइनी। ओहिजा माई के दांत में दर्द प डॉक्टर लगे ले जाए के चर्चा चलत रहे। हम डरे केहू से कुछ बिना कहले ओहिजा खाड होक दुनु हाथ पीछे क के खून रोके के कोशिश करे लगनी। माई पुछली की कुछ भईल बा का?? त हम कह देनी की ना कहा कुछ भईल बा... थोड़ देर बाद खून चुवल शुरू हो गईल आ माई के नजर पड़ गईल। माई कहे लगली हम पहिलही कहनी ह की ई शांत रहे वाला ना ह। सब काम छोड़ी के बाबूजी हमरा के डॉक्टर लगे ले गइनी.. आ हमार इलाज भईल। घरे आ के बाबूजी जब माँ से दांत ला डॉक्टर लगे ले चले के कहनी,त माँ कहली की कईसन दांत दरद,सब ठीक हो गईल बबुआ ठीक हो जाव बस! आज जब कबो ओपर चर्चा होला त माँ कहेली की उ दांत में अब दर्द कबो ना हो सकेला। तब से हम प्रतिज्ञा ले लेवनि की माई से कवनो सच ना छुपावे के हर संभव कोशिश करब। आज ले त नईखी छुपलवे,देखि आगे का होता! खैर,माई हिय आगहु निबह जाई...
दुनिया के मय माई लो के प्रणाम करत सभे के मातृदिवस के बधाई।
अनुराग रंजन।