Sunday, 8 May 2016

माई जे जुड़ल एगो इयाद...

जब हम 7-8 साल के होखेम त हमरा घरे कवनों काम होत रहे, जाना लो बॉस फारत रहे आ हम ओहिजा खेलत रही। बाबूजी के शख्त हिदायत रहे के हमरा दाब नईखे छुए के। तलही माई कवनों काम ला बाबूजी के बोलवली। हमरा मौक़ा लह गईल। जाना लो तनी दूर रहे, दाब उठा के टेस्टीआ लिहनी। अब ई ना बुझाइल की लकड़ी काटल जाला की कटाये के लिखल रहे,अंगूरी प उतार लिहनी एक दाब। डरे केहू से ना कहनी आ खून के दोसर अंगूरी से रोके के कोशिश करत भीतर चल गइनी। ओहिजा माई के दांत में दर्द प डॉक्टर लगे ले जाए के चर्चा चलत रहे। हम डरे केहू से कुछ बिना कहले ओहिजा खाड होक दुनु हाथ पीछे क के खून रोके के कोशिश करे लगनी। माई पुछली की कुछ भईल बा का?? त हम कह देनी की ना कहा कुछ भईल बा... थोड़ देर बाद खून चुवल शुरू हो गईल आ माई के नजर पड़ गईल। माई कहे लगली हम पहिलही कहनी ह की ई शांत रहे वाला ना ह। सब काम छोड़ी के बाबूजी हमरा के डॉक्टर लगे ले गइनी.. आ हमार इलाज भईल। घरे आ के बाबूजी जब माँ से दांत ला डॉक्टर लगे ले चले के कहनी,त माँ कहली की कईसन दांत दरद,सब ठीक हो गईल बबुआ ठीक हो जाव बस! आज जब कबो ओपर चर्चा होला त माँ कहेली की उ दांत में अब दर्द कबो ना हो सकेला। तब से हम प्रतिज्ञा ले लेवनि की माई से कवनो सच ना छुपावे के हर संभव कोशिश करब। आज ले त नईखी छुपलवे,देखि आगे का होता! खैर,माई हिय आगहु निबह जाई...
दुनिया के मय माई लो के प्रणाम करत सभे के मातृदिवस के बधाई।
अनुराग रंजन।

Saturday, 7 May 2016

माँ

गिरता हूँ, उठता हूँ,सम्भलता हूँ और दौड़ पड़ता हूँ,
क्योंकि माँ आकर सिर पर हाथ फेरते हुए कहती है,
मेरा बेटा कभी हार मान ही नही सकता,
क्योंकि उसे तो दुनिया की हर एक ख़ुशी,मेरे इस आँचल में ला कर डालनी है ना।

तुम खुश हो तो खुश हूँ मैं, ये सिर्फ एक माँ कहती है,
मैं कहता हूँ, माँ साथ है तो हर जंग में जीत पक्की है,
हो कोई तमन्ना तो बेझिझक बता देना मुझसे माँ,
क्योंकि किसी ने कहा है "मुझ पर पहला और आखिरी हक सिर्फ तेरा है।"
अनुराग रंजन
छपरा(मशरख)

कैरियर

कैरियर:सुझाव आ विकल्प(खेल आ शारीरिक शिक्षा विशेष)           

जहवाँ खेल आ शारीरिक शिक्षा के एगो सफल कैरियर में बहुमूल्य योगदान होला ओहिजा खेल आ शारीरिक शिक्षा के चुनाव भी कैरियर बनावे ला कइल जा सकत बा। एह अंक एह झेत्र प विशेष...

विश्वविद्यालयण आ अन्य शिक्षण संस्थानन् में भी ए घरी खेल आ शारीरिक शिक्षा के एगो बेहतर पाठ्यक्रम के रूप में शामिल कइल जाता। स्वास्थ्य के लेके हमनी के अंदर आईल जागरूकता हमनी के जिम,योग के प्रति सजग कइले बा। अइसन में योग जइसन प्राकृत से जुड़ल पद्धतियन के विशेषज्ञ के एह घरी माँग बढ़ल बा...

खेल आ शारीरिक शिक्षा के झेत्र में बढ़ रहल संभावना के चलते ई एगो कैरियर के बेहतर विकल्प बन के उभरल बा। देश के जानल-मानल विश्वविद्यालयण में एह से जुड़ल नया पाठ्यक्रमन् के शुरुआत भइल बा। कई गो शिक्षण संस्थान भी खेल आ शारीरिक शिक्षा के एगो बेहतर पाठ्यक्रम के रूप मान्यता देवे लागल बा। शारीरिक शिक्षा प्राथमिक आउर मध्य शिक्षा के बेरा पढ़ावल जाय वाला एगो पाठ्यक्रम ह। एह शिक्षा के सम्बंध ओह प्रकिर्या से बा जवन मनुष्य के शारीरिक विकास आउर कार्यन के समुचित संपादन में सहायक होला...

परिचय

वर्तमान में शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम के अंतर्गत व्यायाम,खेलकूद,मनोरंजन आदि विषय आवेला। संघे-संघे वैयक्तिक आ जनस्वास्थ्य के भी एहमे स्थान बा। कार्यक्रम निर्धारित करेला शरीर रचना आ शरीर क्रिया विज्ञान,मनोविज्ञान के साथे समाज विज्ञान के सिद्धांतन् से अधिकतम लाभ लिहल जाला। वैयक्तिक रूप में शारीरिक शिक्षा के उदेश्य शक्ति के विकास आउर नाड़ी स्नायु सम्बंधी कौशल के वृद्धि करल होला,जबकि सामूहिक रूप में सामूहिकता के भावना के जागृत करे के होला...

भारत में शारीरिक शिक्षा के उदय

भारत में शारीरिक शिक्षा के झेत्र में भारतीय व्यायाम पद्धति के पमुख स्थान ह। जवना समय यूनान,स्पार्टा आ रोम में शारीरिक शिक्षा के चमकत काल के उदय होत रहे,ओह समय में भी भारतवर्ष में वैज्ञानिक आधार पर शारीरिक शिक्षा के ढाँचा बन चुकल रहे आ ओह ढाँचा के प्रयोग भी होखे। आश्रम आउर गुरुकुल में छात्रगण आ अखाड़ा आउर व्यायामशाला में आम लोग व्यायाम के अभ्यास करे। एह व्यायामन् में दंड बैठक,मुगदर,गदा,नाल,धनुर्विधा, मुष्टी, व्रजमुष्टी, आसन प्राणायाम,भस्त्रिका,सूर्य नमस्कार, नौली, धौती आदि प्रकिर्या प्रमुख रहे।

अंतरास्ट्रीय पहचान

प्रगतिशील देशन में एह जे जुड़ल कार्यक्रमन् के अंतरास्ट्रीय प्रतियोगिता आ समारोह के संख्या दिन-प्रतिदिन ,बढ़ल जात बा। एह विषय में प्रशिक्षण देवेला शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय खुलल बा,जहवाँ अध्यापक आउर अध्यापिकागण तय प्रावधान के तहत दू बरिस भा एक बरिस के प्रशिक्षण प्राप्त करेला लोग। ई संस्था सब समय-समय पर प्रादेशिक,राष्ट्रीय और अंतरास्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता भी आयोजित करत रहेली स। प्रतियोगिता में भाग लेवे वाला प्रतिभागियन् के विशिस्ट प्रशिक्षण दिहल जाला। एहि कारण से वैश्विक प्रतियोगिता में दिनोंदिन प्रगित होत जात बा...

प्रमुख शिक्षण संस्थान

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला  गुरु नानकदेव यूनिवर्सिटी, अमृतसर  लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक संस्थान ग्वालियर(एशिया का एकमात्र डीम्ड विश्वविद्यालय)  उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद  कालेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन पुणे, महाराष्ट्र  इंदिरा गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस, नई दिल्ली  विवेकानंद रूरल एजुकेशन सोसायटी कालेज आफ फिजिकल एजुकेशन, रैचुर कर्नाटक  वीएनएस कालेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड मैनेजमेंट, भोपाल(मप्र)....

शैक्षणिक योग्यता आउर कोर्स  

शारीरिक शिक्षा में प्राथमिक योग्यता 12वीं के बाद सीपीएड होला। 12वीं के बाद ही शारीरिक शिक्षा में तीन वर्षीय डिग्री बीपीई होला। स्नातकन् ला एक वर्ष के बीपीएड डिग्री करावल जाला। स्नातक दो साल की एमपीएड भी कर सकेला...

प्रवेश परीक्षा एमपीएड

एमपीएड में प्रवेश खातिर लिखित परीक्षा आयोजित होला, जवना में बीपीएड और बीपीई स्तर के छात्र भाग लेवेला लो। खेल कूद से जुड़ल सामान्य ज्ञान आउर अन्य गुणात्मक वस्तुनिष्ठ परक प्रश्न पूछल जाला...

एमफिल- पीएचडी

प्रवेश परीक्षा में एमपीएड, एमपीईडी स्तर के बहुउत्तरीय  प्रश्न लिखित परीक्षा में पूछल जाला, जवना में अनुसंधान के विधि, प्रारंभिक सांख्यिकी, शारीरिक विज्ञान के अभ्यास, शारीरिक शिक्षा में मापन व मूल्यांकन, जैव यांत्रिकी आउर गति विज्ञान, शारीरिक शिक्षा का इतिहास प्रशिक्षण विधि आ खेलकूद व क्रीड़ा से संबंधित सामान्य ज्ञान इत्यादि विषयन् से जुड़ल प्रश्न होला...

वेतनमान

शारीरिक शिक्षा में कोर्स कइला  के बाद योग्यतानुसार स्कूल में दस हजार आउर  निमन कोर्स कइला के बाद कालेज में लागे पर 40 हजार तक आरंभिक वेतन मिलेला। एकरा अलावा निजी क्षेत्र में हैल्थ क्लब और जिम्नेजियमों में भी आकर्षक वेतन पर नोकरी मिलेला...

भारतीय खेल प्राधिकरण

भारतीय खेल प्राधिकरण भारत के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का महत्त्वपूर्ण अंग ह। आपन खेल प्रोत्साहन योजना के माध्यम से भारतीय खेल प्राधिकरण नवहन में प्रतिभा उत्पन्न करे आ ओकरा के निखारे के काम करेला...

शारीरिक शिक्षा के महत्त्व

छात्रण के शरीर के अंगन् के ज्ञान, ओकर रचना आ कार्य के बोध करावे ला शारीरिक शिक्षा महत्त्वपूर्ण बा। शरीर के स्वस्थ रखे ला विभिन्न प्रकार के खेल बा, जैसे बालीबाल, फुटबाल, हाकी, बास्केटबाल, टेबल टेनिस, लान टेनिस,कबड्डी, खो-खो, बेडमिंटन, क्रिकेट, कैरमबोर्ड और शतरंज आदि। हर स्कूल में एगो शारीरिक शिक्षक ओतने महत्त्वपूर्ण बा जेतना पढ़ावे वाला शिक्षक। शारीरिक शिक्षण से बालक के मानसिक विकास त होख़बे करेला संघही शारीरिक विकास के भी सही गति से मिलेला। बच्चा सभे के शिक्षा के साथ खेलकूद में भाग लेवे के चाहि, जवना से ओकरा अंदर खेल के प्रति पूरा सम्मान उत्पन्न हो सके...
अनुराग रंजन
छपरा(मशरख)

Friday, 6 May 2016

पंचायत चुनाव

आज ना होली है ना दिवाली, तब सज-धज के भोरे-भोरे काहे तैयार हो?? भैया आने वाले है का?? नवकी भौजाई से मजाक करते हुए पिंटूआ पूछ रहा है...
दरअसल आज बिहार पंचायत चुनावों के तहत चौथे चरण का मतदान हमारे प्रखंड मशरख में हो रहा है। अब गाँव-घर का चुनाव है तो अलगे माहौल है...
रामखेलावन चा कह रहे थे की आज उनकी माई, मने की गाँव भर की आजी भी आज भोट देने जाएंगी। काहेकि ठीक दस बरिस पहिले जब रामखेलावन चा बीमार पड़े थे, तब बिंदिया चाची ही ईलाज का पइसा दी जो आज तक वापस ना ली। आ अब बिंदिया चाची मुखिया ला चुनाव लड़ रही है। सो भोट उन्ही को जाएगा आ उनका त लहर भी है...
एजेंट बिगन समझा रहे है की काकी तुम अउर का छोड़ो हई मुखिया का भोट सही से दे देना,बाकी पाँच गड़बड़ हो जाए तो भी कोई बात नही। हई छह-छह गो भोट एक साथे गिराना है??हाँ,काकी आ उ भी मोहर मार के उ टिप के पी पी करनेवाला ईवीएम पे नही...
सब प्रत्याशी भोटर को याद दिलावे में लगा है की कब और किस लिए कितने का मदद किया था। लेदेके इन्ही समीकरणों पे पंचायत चुनाव के फैसले तय होते है...
एने कुछ प्रत्याशी होमगार्ड के जवान आ पोलिंग पार्टी से सेटिंग के फिराक में है। एगो अफसर सबको सतर्क कर रहे है, भैया पुरनका जमाना नही रहा,कवनों फेसबुक ओसबूक पर डाल दिया  त अबे बवाल हो जाएगा। सो निमन से भोट बीत जाने दो...
25 साल पहिले इन्ही चुनावों में कभी अपना बेटा खो देने वाले रामजीत साहू को अब इस बात की सन्तुष्टी है की इंतेजाम कड़ा है... सो अब किसी का बेटा इन चुनावों की भेट नही चढ़ेगा...
हेने तो गजबे माहौल है, ड्यूड कल्लू आ एंजेल गोल्डी के ख़ुशी का कोई ठिकाना ही नही है। दुनों आज बूथ पर एक दुसरा को जी भर देखने का पिलान बनाया है,कहता है सब! फेसबुक आ व्हाट्सऐप प फ़ोटो त रोज देखते है आज आमने-सामने से देखेंगे...
कलुआ आ तो भिनसहरे डीह बाबा से माँग आया है की इस पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों की तरह ही एंजेल गोल्डी से उसका मुहब्बत का इलेक्शन जितवा देना। पांच रुपया का लड्डू चढ़ाएंगे...
कह रहा था पंचायत की जनता की तरह खुश रखेगा उ गोल्डी को...